यह अनुवाद कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधुनिक प्रौद्योगिकी के माध्यम से किया गया है। इसके अलावा, यह डॉ. मुस्तफा खत्ताब के "स्पष्ट कुरआन" पर आधारित है।

Surah 95 - التِّين

At-Tîn (सूरह 95)

التِّين (The Fig)

मक्की सूरहमक्की सूरह

परिचय

यह मक्की सूरह इस बात पर बल देती है कि अल्लाह ने इंसानों को सम्मानित किया है, लेकिन उनमें से कई आख़िरत में उससे मिलने से इनकार करके खुद को नीचा गिराते हैं। अबू जहल, जो सबसे कुख्यात इनकार करने वालों में से एक था, उसका ज़िक्र अगली सूरह में किया गया है। अल्लाह के नाम से—जो अत्यंत कृपाशील, दयावान है।

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ

अल्लाह के नाम से, जो बड़ा मेहरबान, निहायत रहम वाला है।

कृतघ्न काफ़िरों का बदला

1. अंजीर और ज़ैतून की क़सम (बैतुल मुक़द्दस के), 2. और तूर सीना की, 3. और इस अमन वाले शहर (मक्का) की! 4. निःसंदेह, हमने इंसान को बेहतरीन तक़्वीम पर पैदा किया। 5. फिर हम उसे सबसे निचले दर्जे में लौटा देंगे, 6. सिवाय उन लोगों के जो ईमान लाए और नेक अमल किए, उनके लिए कभी न ख़त्म होने वाला अज्र है। 7. अब तुम्हें किस चीज़ ने क़यामत को झुठलाने पर मजबूर किया है? 8. क्या अल्लाह सब हाकिमों में सबसे बड़ा हाकिम नहीं है?

وَٱلتِّينِ وَٱلزَّيْتُونِ
١
وَطُورِ سِينِينَ
٢
وَهَـٰذَا ٱلْبَلَدِ ٱلْأَمِينِ
٣
لَقَدْ خَلَقْنَا ٱلْإِنسَـٰنَ فِىٓ أَحْسَنِ تَقْوِيمٍ
٤
ثُمَّ رَدَدْنَـٰهُ أَسْفَلَ سَـٰفِلِينَ
٥
إِلَّا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا وَعَمِلُوا ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ فَلَهُمْ أَجْرٌ غَيْرُ مَمْنُونٍ
٦
فَمَا يُكَذِّبُكَ بَعْدُ بِٱلدِّينِ
٧
أَلَيْسَ ٱللَّهُ بِأَحْكَمِ ٱلْحَـٰكِمِينَ
٨

सूरह 95 - التِّين (अंजीर) - आयतें 1-8


At-Tîn () - अध्याय 95 - स्पष्ट कुरान डॉ. मुस्तफा खत्ताब द्वारा