यह अनुवाद कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधुनिक प्रौद्योगिकी के माध्यम से किया गया है। इसके अलावा, यह डॉ. मुस्तफा खत्ताब के "स्पष्ट कुरआन" पर आधारित है।

Surah 85 - البُرُوج

Al-Burûj (सूरह 85)

البُرُوج (Constellations)

मक्की सूरहमक्की सूरह

परिचय

इस मक्की सूरह की शुरुआत लगभग 524 ईस्वी में मूर्तिपूजकों के हाथों नज्रान (यमन और सऊदी अरब की सीमा पर स्थित एक शहर) के ईसाइयों पर हुए अत्याचार की निंदा करती है। अत्याचारियों को अग्नि की यातना की चेतावनी दी गई है, जबकि ईमान वालों को जन्नत में एक महान प्रतिफल का वादा किया गया है। यह सूरह और अगली सूरह दोनों ऊँचे आकाश की क़सम खाती हैं, अल्लाह की असीम शक्ति पर ज़ोर देती हैं, दुराचारियों को चेतावनी देती हैं, और कुरान के ईश्वरीय स्वरूप पर बल देती हैं। अल्लाह के नाम से—जो अत्यंत कृपाशील, परम दयावान है।

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ

अल्लाह के नाम से, जो बड़ा मेहरबान, निहायत रहम वाला है।

अग्नि कुंड के लोग

1. बुर्जों वाले आसमान की क़सम, 2. और वादे वाले दिन की क़सम, 3. और गवाह की और जिसकी गवाही दी गई की क़सम! 4. धिक्कार है खाई वालों को— 5. ईंधन से भरी हुई आग— 6. जब वे उसके चारों ओर बैठे थे, 7. जो कुछ उन्होंने ईमानवालों के साथ किया था, उसके वे गवाह थे। 8. वे उनसे केवल इस बात पर बदला ले रहे थे कि वे अल्लाह पर ईमान लाए थे—जो सर्वशक्तिमान, अत्यंत प्रशंसित है— 9. जिसके लिए आकाशों और धरती की बादशाही है। और अल्लाह हर चीज़ पर गवाह है। 10. जो लोग ईमान वाले पुरुषों और स्त्रियों को सताते हैं और फिर तौबा नहीं करते, उनके लिए निश्चित रूप से जहन्नम की सज़ा और आग का अज़ाब है। 11. निःसंदेह जो लोग ईमान लाते हैं और नेक अमल करते हैं, उनके लिए ऐसे बाग़ हैं जिनके नीचे नहरें बहती हैं। यही सबसे बड़ी कामयाबी है।

وَٱلسَّمَآءِ ذَاتِ ٱلْبُرُوجِ
١
وَٱلْيَوْمِ ٱلْمَوْعُودِ
٢
وَشَاهِدٍ وَمَشْهُودٍ
٣
قُتِلَ أَصْحَـٰبُ ٱلْأُخْدُودِ
٤
ٱلنَّارِ ذَاتِ ٱلْوَقُودِ
٥
إِذْ هُمْ عَلَيْهَا قُعُودٌ
٦
وَهُمْ عَلَىٰ مَا يَفْعَلُونَ بِٱلْمُؤْمِنِينَ شُهُودٌ
٧
وَمَا نَقَمُوا مِنْهُمْ إِلَّآ أَن يُؤْمِنُوا بِٱللَّهِ ٱلْعَزِيزِ ٱلْحَمِيدِ
٨
ٱلَّذِى لَهُۥ مُلْكُ ٱلسَّمَـٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ ۚ وَٱللَّهُ عَلَىٰ كُلِّ شَىْءٍ شَهِيدٌ
٩
إِنَّ ٱلَّذِينَ فَتَنُوا ٱلْمُؤْمِنِينَ وَٱلْمُؤْمِنَـٰتِ ثُمَّ لَمْ يَتُوبُوا فَلَهُمْ عَذَابُ جَهَنَّمَ وَلَهُمْ عَذَابُ ٱلْحَرِيقِ
١٠
إِنَّ ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا وَعَمِلُوا ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ لَهُمْ جَنَّـٰتٌ تَجْرِى مِن تَحْتِهَا ٱلْأَنْهَـٰرُ ۚ ذَٰلِكَ ٱلْفَوْزُ ٱلْكَبِيرُ
١١

सूरह 85 - البُرُوج (नक्षत्र) - आयतें 1-11


अरब मूर्तिपूजकों को चेतावनी

12. बेशक, तुम्हारे रब की पकड़ बहुत सख्त है। 13. निश्चित रूप से वही है जो उत्पन्न करता है और (फिर) लौटाता है। 14. और वह अत्यंत क्षमाशील, अत्यंत प्रेम करने वाला है— 15. अर्श का स्वामी, अत्यंत महिमावान, 16. जो कुछ वह चाहता है, उसे करने वाला। 17. क्या तुम्हें उन फ़ौजों की ख़बर पहुँची है, ऐ पैग़म्बर— 18. फ़िरऔन और समूद की? 19. फिर भी काफ़िर इनकार पर अड़े हुए हैं। 20. और अल्लाह ने उन्हें हर तरफ़ से घेरा हुआ है। 21. बल्कि यह एक शानदार क़ुरआन है, 22. लौह-ए-महफूज़ में अंकित।

إِنَّ بَطْشَ رَبِّكَ لَشَدِيدٌ
١٢
إِنَّهُۥ هُوَ يُبْدِئُ وَيُعِيدُ
١٣
وَهُوَ ٱلْغَفُورُ ٱلْوَدُودُ
١٤
ذُو ٱلْعَرْشِ ٱلْمَجِيدُ
١٥
فَعَّالٌ لِّمَا يُرِيدُ
١٦
هَلْ أَتَىٰكَ حَدِيثُ ٱلْجُنُودِ
١٧
فِرْعَوْنَ وَثَمُودَ
١٨
بَلِ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا فِى تَكْذِيبٍ
١٩
وَٱللَّهُ مِن وَرَآئِهِم مُّحِيطٌۢ
٢٠
بَلْ هُوَ قُرْءَانٌ مَّجِيدٌ
٢١
فِى لَوْحٍ مَّحْفُوظٍۭ
٢٢

सूरह 85 - البُرُوج (नक्षत्र) - आयतें 12-22


Al-Burûj () - अध्याय 85 - स्पष्ट कुरान डॉ. मुस्तफा खत्ताब द्वारा