यह अनुवाद कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधुनिक प्रौद्योगिकी के माध्यम से किया गया है। इसके अलावा, यह डॉ. मुस्तफा खत्ताब के "स्पष्ट कुरआन" पर आधारित है।

Surah 78 - النَّبَأ

An-Naba' (सूरह 78)

النَّبَأ (The Momentous News)

मक्की सूरहमक्की सूरह

परिचय

यह मक्की सूरह उन लोगों के तर्कों का सशक्त रूप से खंडन करती है जो आख़िरत (परलोक) का इनकार करते हैं। यह अल्लाह की कुछ अद्भुत रचनाओं (निशानियों) का उल्लेख करके उसकी इस सामर्थ्य को सिद्ध करती है कि वह मृतकों को पुनः जीवित कर सकता है और प्रत्येक को उनके कर्मों के अनुसार प्रतिफल दे सकता है। अल्लाह के नाम से जो अत्यंत कृपाशील, दयावान है।

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ

अल्लाह के नाम से, जो बड़ा मेहरबान, निहायत रहम वाला है।

मुशरिकों द्वारा सत्य का उपहास

1. वे एक दूसरे से किस बात पर पूछ रहे हैं? 2. उस महान समाचार के बारे में, 3. जिस पर वे इख़्तिलाफ़ करते हैं। 4. हरगिज़ नहीं! वे जान जाएँगे। 5. फिर हरगिज़ नहीं! वे जान जाएँगे।

عَمَّ يَتَسَآءَلُونَ
١
عَنِ ٱلنَّبَإِ ٱلْعَظِيمِ
٢
ٱلَّذِى هُمْ فِيهِ مُخْتَلِفُونَ
٣
كَلَّا سَيَعْلَمُونَ
٤
ثُمَّ كَلَّا سَيَعْلَمُونَ
٥

सूरह 78 - النَّبَأ (महत्वपूर्ण खबर) - आयतें 1-5


अल्लाह की सृष्टि का चमत्कार

6. क्या हमने ज़मीन को बिछौना नहीं बनाया, 7. और पहाड़ों को कीलें बनाया, 8. और तुम्हें जोड़े-जोड़े पैदा किया, 9. और तुम्हारी नींद को आराम के लिए बनाया, 10. और रात को पर्दा बनाया, 11. और दिन को रोज़ी के लिए बनाया, 12. और तुम्हारे ऊपर सात मज़बूत आसमान बनाए, 13. और उनमें एक रोशन चिराग रखा, 14. और बादलों से बरसता हुआ पानी उतारा, 15. उससे अनाज और मुख़्तलिफ़ पौधे पैदा किए, 16. और घने बाग़?

أَلَمْ نَجْعَلِ ٱلْأَرْضَ مِهَـٰدًا
٦
وَٱلْجِبَالَ أَوْتَادًا
٧
وَخَلَقْنَـٰكُمْ أَزْوَٰجًا
٨
وَجَعَلْنَا نَوْمَكُمْ سُبَاتًا
٩
وَجَعَلْنَا ٱلَّيْلَ لِبَاسًا
١٠
وَجَعَلْنَا ٱلنَّهَارَ مَعَاشًا
١١
وَبَنَيْنَا فَوْقَكُمْ سَبْعًا شِدَادًا
١٢
وَجَعَلْنَا سِرَاجًا وَهَّاجًا
١٣
وَأَنزَلْنَا مِنَ ٱلْمُعْصِرَٰتِ مَآءً ثَجَّاجًا
١٤
لِّنُخْرِجَ بِهِۦ حَبًّا وَنَبَاتًا
١٥
وَجَنَّـٰتٍ أَلْفَافًا
١٦

सूरह 78 - النَّبَأ (महत्वपूर्ण खबर) - आयतें 6-16


क़यामत के दिन की भयावहता

17. बेशक, फ़ैसले का दिन एक मुक़र्रर वक़्त है— 18. जिस दिन सूर फूँका जाएगा, और तुम सब झुंड के झुंड निकल पड़ोगे। 19. आकाश फटकर अनेक द्वार बन जाएगा। 20. और पहाड़ उड़ा दिए जाएँगे, मृगतृष्णा बन जाएँगे।

إِنَّ يَوْمَ ٱلْفَصْلِ كَانَ مِيقَـٰتًا
١٧
يَوْمَ يُنفَخُ فِى ٱلصُّورِ فَتَأْتُونَ أَفْوَاجًا
١٨
وَفُتِحَتِ ٱلسَّمَآءُ فَكَانَتْ أَبْوَٰبًا
١٩
وَسُيِّرَتِ ٱلْجِبَالُ فَكَانَتْ سَرَابًا
٢٠

सूरह 78 - النَّبَأ (महत्वपूर्ण खबर) - आयतें 17-20


काफ़िरों का अज़ाब

21. बेशक, जहन्नम घात लगाए हुए है। 22. सरकशों का ठिकाना, 23. जहाँ वे हमेशा के लिए रहेंगे। 24. वहाँ वे न कोई ठंडक चखेंगे और न कोई पेय। 25. सिवाय खौलते पानी और बहती हुई पीप के— 26. एक उचित प्रतिफल। 27. क्योंकि उन्होंने कभी किसी हिसाब-किताब की उम्मीद नहीं की थी, 28. और हमारी आयतों को सिरे से ठुकरा दिया। 29. और हमने हर चीज़ को ठीक-ठीक गिन रखा है। 30. चखो, क्योंकि तुम्हें हमसे बस और अधिक अज़ाब ही मिलेगा।

إِنَّ جَهَنَّمَ كَانَتْ مِرْصَادًا
٢١
لِّلطَّـٰغِينَ مَـَٔابًا
٢٢
لَّـٰبِثِينَ فِيهَآ أَحْقَابًا
٢٣
لَّا يَذُوقُونَ فِيهَا بَرْدًا وَلَا شَرَابًا
٢٤
إِلَّا حَمِيمًا وَغَسَّاقًا
٢٥
جَزَآءً وِفَاقًا
٢٦
إِنَّهُمْ كَانُوا لَا يَرْجُونَ حِسَابًا
٢٧
وَكَذَّبُوا بِـَٔايَـٰتِنَا كِذَّابًا
٢٨
وَكُلَّ شَىْءٍ أَحْصَيْنَـٰهُ كِتَـٰبًا
٢٩
فَذُوقُوا فَلَن نَّزِيدَكُمْ إِلَّا عَذَابًا
٣٠

सूरह 78 - النَّبَأ (महत्वपूर्ण खबर) - आयतें 21-30


An-Naba' () - अध्याय 78 - स्पष्ट कुरान डॉ. मुस्तफा खत्ताब द्वारा