यह अनुवाद कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधुनिक प्रौद्योगिकी के माध्यम से किया गया है। इसके अलावा, यह डॉ. मुस्तफा खत्ताब के "स्पष्ट कुरआन" पर आधारित है।

Ar-Raḥmân (सूरह 55)
الرَّحْمَٰن (The Most Compassionate)
परिचय
यह मक्की सूरह इंसानों और जिन्नों को अल्लाह की अनगिनत नेमतों को पहचानने का आह्वान है, इसलिए इसमें बार-बार यह प्रश्न दोहराया गया है: "तो तुम अपने रब की कौन-कौन सी नेमतों को झुठलाओगे?" जो इकत्तीस बार दोहराया गया है। धरती पर जीवन का अंत होगा, जिसके बाद क़यामत का दिन आएगा, जहाँ लोगों को उनके कर्मों और उनके परिणामस्वरूप मिलने वाले प्रतिफलों के आधार पर तीन समूहों में बाँटा जाएगा: इनकार करने वाले (आयतों 31-45), बेहतरीन मोमिन (आयतों 46-61), और सामान्य मोमिन (आयतों 62-78)। अल्लाह के नाम से जो अत्यंत कृपाशील, दयावान है
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ
अल्लाह के नाम से, जो बड़ा मेहरबान, निहायत रहम वाला है।
अल्लाह की नेमतें: १) वाणी
1. परम कृपालु 2. कुरान सिखाया, 3. मानव को बनाया, 4. और उन्हें बोलना सिखाया।
सूरह 55 - الرَّحْمَٰن (दयावान) - आयतें 1-4
नेमत २) कायनात
5. सूर्य और चंद्रमा एक हिसाब से चलते हैं। 6. तारे और पेड़ सजदा करते हैं। 7. और आकाश को उसने ऊँचा उठाया और तराज़ू (न्याय का) स्थापित किया। 8. ताकि तुम तराज़ू में धोखा न दो। 9. न्याय के साथ तौलो और तौल में कमी न करो।
सूरह 55 - الرَّحْمَٰن (दयावान) - आयतें 5-9
नेमत ३) रोज़ी
10. उसने धरती को समस्त जीवों के लिए बिछाया। 11. उसमें फल और खजूर के डंठलों वाले पेड़ हैं, 12. और भूसी वाला अनाज, और सुगंधित पौधे। 13. तो तुम अपने रब की कौन-कौन सी नेमतों को झुठलाओगे?
सूरह 55 - الرَّحْمَٰن (दयावान) - आयतें 10-13
नेमत ४) इंसान और जिन्न
14. उसने इन्सान को खनखनाती हुई मिट्टी से पैदा किया, जैसे कि मिट्टी के बर्तन, 15. और जिन्नों को आग की बेधुएँ लौ से पैदा किया। 16. तो फिर तुम अपने रब की कौन-कौन सी नेमतों को झुठलाओगे?